खैरागढ़। जिले में अफसरशाही का मनमाना रवैया अब हदें पार करता दिख रहा है। कई विभागों में बढ़ती लापरवाही और लीपापोती के बीच लोक निर्माण विभाग (PWD) का गैरजिम्मेदाराना व्यवहार राजनीतिक गलियारों में तूफ़ान खड़ा कर रहा है। खैरागढ़ विधानसभा क्षेत्र की लोकप्रिय विधायक यशोदा निलाम्बर वर्मा ने विभाग पर सीधे-सीधे संसदीय विशेषाधिकार के उल्लंघन का गंभीर आरोप लगाया है।
विधायक वर्मा ने विधानसभा सचिवालय को भेजे गए पत्र में बताया कि PWD के कार्यपालन अभियंता को कई बार आधिकारिक पत्रों के माध्यम से आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने कहा गया, लेकिन विभाग लगातार टालमटोल करता रहा। उन्होंने अपने पत्र में निम्न पत्राचार का उल्लेख किया है—
* पत्र क्रमांक 10/अधि./जानकारी/खैरागढ़ (08/04/2025)
* पत्र क्रमांक 59/अधि./जानकारी/खैरागढ़ (20/05/2025)
* पत्र क्रमांक 60/अधि./जानकारी/खैरागढ़ (20/05/2025)
* स्मरण पत्र क्रमांक 93/अधि./जानकारी/खैरागढ़ (14/06/2025)
* पुनः पत्र (10/11/2025)
इन सभी पत्रों के बावजूद विभाग एक भी जानकारी उपलब्ध नहीं करा सका जिसे विधायक ने *संसदीय परंपराओं और जनप्रतिनिधि विशेषाधिकार का खुला हनन* बताया है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि इस प्रकरण की सूचना **सचिव, लोक निर्माण विभाग, महानदी भवन रायपुर** को भी भेजी गई थी, लेकिन वहां से भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
विधायक वर्मा का कहना है कि किसी जनप्रतिनिधि द्वारा मांगी गई वैधानिक जानकारी को समय पर उपलब्ध न कराना अत्यंत गंभीर विषय है। यदि विधानसभा सचिवालय इसे विशेषाधिकार हनन मान लेता है, तो संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई तय मानी जा रही है।
मामला सार्वजनिक होते ही विभागीय अफसरों में हड़कंप मच गया है। वहीं स्थानीय राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि यह मुद्दा आगामी विधानसभा सत्र में जोरदार तरीके से गूंज सकता है। अपने पत्र के अंत में विधायक वर्मा ने मांग की है कि विशेषाधिकार हनन का प्रकरण दर्ज कर संबंधित अधिकारियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।




