खैरागढ़ की राजनीति में ऐसा ही एक नाम लगातार चर्चा में है — युवा नेता आयाश सिंह बोनी
खैरागढ़,शुरुआत से ही राजनीति में सक्रिय रहे आयाश सिंह बोनी को खैरागढ़ के भाजपा नेता एवं जिला पंचायत उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह का करीबी माना जाता है। संगठन के प्रति उनकी निष्ठा और कार्यशैली ने उन्हें पार्टी में एक भरोसेमंद चेहरे के रूप में स्थापित किया है।
🎓 छात्र राजनीति से संगठन तक का सफर
आयाश सिंह बोनी ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत छात्र राजनीति से की।
वर्ष 2015 में पॉलिटेक्निक कॉलेज खैरागढ़ के छात्र संघ चुनाव में उन्हें अहम जिम्मेदारी सौंपी गई, जिसमें ABVP पैनल ने शानदार जीत दर्ज की। यही जीत उनके राजनीतिक सफर की मजबूत नींव बनी।
इसके बाद संगठन ने लगातार उन पर भरोसा जताया—
2016 से 2018 : शहर युवा मोर्चा — कार्यसमिति सदस्य
2018 से 2020 : जिला कार्यसमिति सदस्य, युवा मोर्चा राजनांदगांव
2020 : जिला मंत्री, युवा मोर्चा राजनांदगांव
2022 : नवगठित जिला खैरागढ़-छुईखदान-गंडई के प्रथम जिलाध्यक्ष, भाजपा युवा मोर्चा
2026 : एक बार फिर जिलाध्यक्ष की कमान, पार्टी ने दोबारा जताया भरोसा
🔥 संगठन का भरोसा, युवाओं की आवाज़
पार्टी द्वारा सौंपी गई हर जिम्मेदारी को आयाश सिंह बोनी ने पूरी निष्ठा, सक्रियता और जमीनी मेहनत के साथ निभाया। यही वजह है कि एक बार फिर संगठन ने उन्हें जिलाध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी सौंपी है।
🎯 अगला लक्ष्य: चुनावी मैदान में जीत
अब आयाश सिंह बोनी का फोकस पूरी तरह भविष्य की रणनीति पर है—
2026 नगरपालिका परिषद चुनाव खैरागढ़
2028 विधानसभा चुनाव में कमल खिलाने का लक्ष्य
साथ ही क्षेत्र के अधिक से अधिक युवाओं को भाजपा की विचारधारा से जोड़ना उनकी प्राथमिकता में शामिल है।
🏁 निष्कर्ष
आयाश सिंह बोनी का राजनीतिक सफर यह बताता है कि लगातार मेहनत, संगठन के प्रति समर्पण और युवाओं से जुड़ाव ही राजनीति में आगे बढ़ने का असली मंत्र है। आने वाले चुनावों में उनकी भूमिका खैरागढ़ की राजनीति में
निर्णायक साबित हो सकती है।




