ठेकेदार की धमकी—जितना मिल रहा है, उसी में काम करो, वरना नौकरी से बाहर
खैरागढ़। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी मर्यादित के अंतर्गत आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्यरत ठेका कर्मचारियों ने शासन द्वारा निर्धारित वेतनमान से कम भुगतान किए जाने को लेकर कलेक्टर को शिकायत सौंपी है। कर्मचारियों का आरोप है कि वे पिछले 10 से 12 वर्षों से बिजली फ्यूज कॉल, मेंटेनेंस सहित जोखिमपूर्ण कार्य लगातार करते आ रहे हैं, इसके बावजूद उन्हें उनका वैधानिक हक नहीं मिल पा रहा है।
कर्मचारियों ने बताया कि संभाग खैरागढ़ अंतर्गत 17 सहायक अभियंता एवं कनिष्ठ यंत्री कार्यालयों में आउटसोर्सिंग के माध्यम से उनकी सेवाएं ली जा रही हैं। हर वर्ष निविदा प्रक्रिया के तहत अलग-अलग वेंडरों को कार्यादेश दिया जाता है। शासन और श्रम विभाग द्वारा कुशल, अर्धकुशल एवं अकुशल श्रमिकों के लिए निर्धारित वेतन, ईपीएफ, ईएसआईसी और बोनस का भुगतान वेंडर द्वारा किया जाना तय है, लेकिन व्यवहार में इसका पालन नहीं हो रहा।
शिकायत में कहा गया है कि वर्तमान में संभागीय कार्यालय द्वारा तीन वेंडरों को कार्य दिया गया है, जिनमें से कोई भी कर्मचारी को पूरा वेतन नहीं दे रहा। हाल ही में जनवरी माह में रामकृष्ण इंटरप्राइजेस को खैरागढ़ एवं छुईखदान क्षेत्र में कार्यादेश जारी हुआ है, जिसने सभी श्रेणी के कर्मचारियों को मात्र आठ हजार रुपये मासिक देने की बात कही है। निर्धारित वेतन मांगने पर कर्मचारियों को काम से हटाने की धमकी भी दी जा रही है।
कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित एजेंसी ने पूर्व कार्यकाल में भी ईपीएफ, ईएसआईसी और बोनस का भुगतान नहीं किया था। छत्तीसगढ़ विद्युत ठेका श्रमिक विकास संगठन, जिला खैरागढ़-छुईखदान-गंडई ने कलेक्टर से मामले में हस्तक्षेप कर वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा करते हुए शीघ्र समाधान की मांग की है। कर्मचारियों ने कहा कि समय पर न्याय न मिलने की स्थिति में वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।




