कलेक्टर चंद्रकांत वर्मा की अध्यक्षता में इंटीग्रेटेड फार्मिंग क्लस्टर परियोजना के अंतर्गत आज जिला स्तरीय विभागीय समन्वय समिति की उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित की गई। यह कार्यशाला जिला कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित हुई, जिसमें कई विभागीय अधिकारियों और एनआरएलएम "बिहान" की कम्यूनिटी कैडर एवं संकुल संगठन के सदस्य उपस्थित हुए।
कार्यशाला के प्रमुख बिंदु:
- परियोजना की जानकारी:
- कार्यशाला में उपस्थित सभी अधिकारियों और सदस्यों को इंटीग्रेटेड फार्मिंग क्लस्टर परियोजना के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
- परियोजना के क्रियान्वयन की प्रक्रिया और विभागीय अधिकारियों से अपेक्षित सहयोग पर चर्चा की गई।
- लाभार्थियों के चयन और सहायता:
- इस परियोजना के तहत, आगामी 03 वर्षों में 16 ग्रामों के 1200 महिला किसानों को लाभान्वित किया जाएगा।
- चयनित हितग्राहियों को 3-4 कृषि आधारित आजीविका गतिविधियों के लिए वित्तीय सहयोग, प्रशिक्षण, कृषि उत्पादों के विक्रय में सहयोग और मूल्य संवर्धन जैसी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
- कलेक्टर का मार्गदर्शन:
- कलेक्टर श्री चंद्रकांत वर्मा ने कृषि सखी और पशु सखी को मार्गदर्शन दिया।
- उन्होंने क्रेडा योजना से सोलर पम्प सब्सिडी योजना का लाभ लेने के लिए महिला किसानों को प्रेरित किया।
- आगे की कार्यवाही:
- क्रेडा विभाग के अधिकारियों को तत्काल प्रकरण तैयार कर योजना का लाभ दिलाने के निर्देश दिए गए।
- मुख्य कार्यपालन अधिकारी का मार्गदर्शन:
- मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रेम कुमार पटेल ने कृषि आजीविका संवर्धन के संबंध में मार्गदर्शन दिया।
- विभागीय अधिकारियों की जानकारी:
- कार्यशाला में विभिन्न विभागीय अधिकारियों ने अपनी विभागीय योजनाओं के बारे में जानकारी दी।
उपस्थित प्रमुख लोग:
- एनआरएलएम के डीपीएम, बीपीएम, क्षेत्रीय समन्वयक, सीएलएफ अध्यक्ष, सचिव, ग्राम संगठन के ईसी सदस्य, कृषि सखी, पशु सखी।
- तकनीकी सहयोग संस्था "प्रदान" के अधिकारी श्री राकेश ने भी परियोजना के क्रियान्वयन के संबंध में जानकारी प्रदान की।
निष्कर्ष: यह कार्यशाला जिले में कृषि आधारित आजीविका को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण कदम है। महिला किसानों को विभिन्न सुविधाएं प्रदान करके उनके जीवन में सुधार लाने की दिशा में यह परियोजना महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।




