खैरागढ़, छत्तीसगढ़।खैरागढ़ विकासखंड के अंतर्गत स्थित शासकीय प्राथमिक शाला, जोरातराई में आज कलेक्टर श्री इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल ने आकस्मिक निरीक्षण कर शैक्षणिक व्यवस्था, बच्चों की बौद्धिक क्षमताओं और प्रधानमंत्री पोषण योजना की स्थिति का बारीकी से अवलोकन किया।
बच्चों से आत्मीय संवाद और शैक्षणिक परीक्षण
निरीक्षण के दौरान कक्षा पहली और दूसरी में गणित का पाठ चल रहा था। कलेक्टर चंद्रवाल ने बच्चों से जोड़ (Addition) से संबंधित प्रश्न पूछे, जिनका बच्चों ने उत्साह और आत्मविश्वास के साथ उत्तर दिया। इसके साथ ही उन्होंने कक्षा की दीवारों पर बने चित्रों, रंगों और इंद्रधनुष के सात रंगों की पहचान कराई।
सही उत्तर मिलने पर कलेक्टर ने बच्चों की तालियों के माध्यम से हौसला अफजाई की और उन्हें चॉकलेट देकर प्रोत्साहित किया। इस पूरे समय वे स्वयं एक शिक्षक की भूमिका में नजर आए, जिससे कक्षा का वातावरण बेहद जीवंत और संवादात्मक बन गया।
नवोदय विद्यालय परीक्षा के लिए प्रेरणा
कक्षा पाँचवीं के छात्रों से बातचीत करते हुए कलेक्टर ने नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा की महत्ता समझाई। उन्होंने बच्चों से तार्किक प्रश्न पूछे और उन्हें विभिन्न तरीकों से हल करने की विधि बताई। साथ ही, उन्होंने बच्चों को नियमित अभ्यास करने, आत्मविश्वास बढ़ाने और बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित किया।
शिक्षकों को दिए निर्देश
कलेक्टर ने विद्यार्थियों के उत्साह और उत्तर देने की क्षमता की खुलकर सराहना की। उन्होंने विद्यालय के शिक्षकों को निर्देश देते हुए कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जाए और उनके सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जाए।
पोषण योजना की समीक्षा
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत छात्रों को मिलने वाले भोजन की भी जानकारी ली। उन्होंने विद्यार्थियों से मेनू व स्वाद के बारे में पूछा और भोजन की गुणवत्ता की समीक्षात्मक जांच की।
निष्कर्ष:
कलेक्टर श्री चंद्रवाल का यह दौरा केवल निरीक्षण नहीं, बल्कि बच्चों के लिए प्रेरणा और प्रोत्साहन का अवसर बन गया। प्रशासनिक अधिकारियों की ऐसी संवेदनशील पहलें निश्चित रूप से शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में सहायक सिद्ध होंगी।




