खैरागढ़। माध्यमिक शाला मुतैड़ा में कार्यरत वरिष्ठ शिक्षिका **डॉ. मालती सिंह** को सेवानिवृत्ति के अवसर पर विद्यालय परिवार ने भावभीनी विदाई दी। **36 वर्षों तक शिक्षा के क्षेत्र में समर्पित सेवा** देने वाली डॉ. सिंह ने 2 जनवरी 1989 को बतौर शिक्षिका अपने शिक्षण जीवन की शुरुआत की थी। उन्होंने हमेशा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को प्राथमिकता दी और शिक्षा को समाज की सबसे बड़ी शक्ति के रूप में स्थापित करने का प्रयास किया।
विदाई समारोह के दौरान डॉ. सिंह ने कहा कि शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है। “बच्चों को न सिर्फ ज्ञान देना, बल्कि उन्हें हर परिस्थिति में आत्मविश्वास के साथ खड़े रहने की शिक्षा देना भी जरूरी है,” उन्होंने कहा।
उन्होंने अपने शिक्षण जीवन के संघर्षों और सुनहरी यादों को साझा करते हुए बताया कि संसाधनों की कमी के बावजूद उन्होंने हमेशा विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए कार्य किया।
कार्यक्रम के दौरान सहकर्मियों और विद्यार्थियों ने फूल-मालाएं, स्मृति चिन्ह और शुभकामनाएं देकर उन्हें सम्मानित किया। शिक्षक **सिसिर मसी, हेमकिरण साहू, शंकरदयाल चंदेल** और **स्वेता सिंह** सहित अन्य शिक्षकों ने उन्हें शिक्षा जगत की प्रेरणा बताते हुए कहा कि उनका मार्गदर्शन हमेशा याद रहेगा।
डॉ. मालती सिंह ने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ **संस्कार, अनुशासन और समाज सेवा** के मूल्य भी सिखाए। उनकी प्रेरणा से कई छात्र आज विभिन्न क्षेत्रों में सफलता प्राप्त कर विद्यालय और क्षेत्र का नाम रोशन कर रहे हैं।
उनकी विदाई से विद्यालय को एक **गहरी कमी** जरूर महसूस होगी, लेकिन उनके आदर्श और शिक्षाएं आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करती रहेंगी।




