Rani Rajlakshmi Tiwari Khairagarh
एक बार एक संपन्न किसान को महंगी घड़ी पहनने का बड़ा शौक था। उसने अपने लिए एक कीमती घड़ी खरीदी, लेकिन एक दिन वो घड़ी कहीं खो गई। किसान परेशान हुआ, हर जगह ढूंढा — घरवाले, पड़ोसी, सबने मिलकर मदद की… लेकिन घड़ी कहीं नहीं मिली।
तभी, एक भीड़ में से **एक छोटा बच्चा** आगे आया और बोला,
*"क्या आप मुझे एक मौका देंगे? शायद मैं आपकी घड़ी ढूंढ सकूं..."*
किसान मुस्कराया और कहा,
*"ठीक है, तुम भी कोशिश कर लो।"*
बच्चा बोला:
*"लेकिन एक शर्त है — मुझे एक घंटे तक आपके घर में **अकेले और शांत माहौल** में रहने दीजिए।"*
सबने उसे अनुमति दी और घर खाली कर दिया।
⏳ **एक घंटे बाद**, बच्चा हाथ में घड़ी लेकर बाहर निकला।
सभी हैरान थे —
*"तुम्हें ये कैसे मिली?"*
बच्चा मुस्कुराया और बोला:
*"मैंने कुछ नहीं किया…
बस मौन रहा, शांत बैठा रहा।
और जब चारों ओर शांति थी,
तो मुझे घड़ी की **'टिक-टिक'** सुनाई दी।
मैंने बस उस आवाज़ का पीछा किया और घड़ी मिल गई।"*
### 🌿 **संदेश:**
समस्याएं जब उलझ जाएं,
शब्द जब शोर बन जाएं,
तो **थोड़ा मौन** होकर देखिए…
हल अक्सर **शांति की गोद** में छिपा होता है।
👉 मौन कोई कमजोरी नहीं,
बल्कि भीतर की **सबसे गहरी शक्ति** है।
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